03 November 2015

ADULT LINES

 STARTING LINES :-

अगर पूछे मुझसे कोई
कि मेरी  सफलता का क्या है राज
तो इतना कहना बस मुझे
कि हिम्मत से करो आगाज़

पर ये आगाज़
ये मुकाम आज जो मैंने पाया
कब कहाँ और कैसे ?
क्या क्या समझा 
फिर खुद को समझाया
चक्रव्यूह कशमकश का 
सबके जीवन में आता है 
मकड़ी के जाल में  जैसे 
इंसान 
खुद को उलझा सा पाता है
पर खुद रास्ते की 
कर लेते हैं  जो तलाश
वो नहीं कहते 
जीवन में कभी काश

हर सुबह का अतीत
होती है काली रात
ऐसा ही मेरा सफर
कुछ ऐसे ही जज्बात
लो आ गया 
वो मेरा बचपन
जहाँ से शुरू हुई एक कहानी
सुनो क्या कहती है 
आप सबसे गुड़िया रानी 

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