02 May 2016

MERI MAA



माँ 
आज तेरे लिए
मुझे यहाँ कुछ कहना है

तू क्या है मेरे लिए 
बस तू ही मेरी दौलत
बस तू ही मेरा गहना है
तेरी इन दो आँखों में
मेरा संसार समाया  माँ
शब्द नहीं कि बता ही दूँ
क्या तुझसे मैंने पाया माँ  

जन्म से पहले ही तूने
खुद में मुझे संभाला माँ
मेरे लिए हो सब अच्छा
वैसे खुद को तूने ढाला माँ

जन्म हुआ मेरा
जिंदगी तेरी बदल गयी
कब रात
कब हुई सुबह
तुझको कोई खबर नहीं

मेरे रोने की आवाज़
तेरे उठने का अलार्म बना
मेरी हर जरूरत को करना पूरा
बस तेरा पहला काम बना 

जब बोलना भी नहीं था आता
तेरा दिल तब भी  सब समझ  जाता
की कब लगी मुझे भूख
और कब नींद ने सताया
शब्द नहीं कि बता ही दूँ
क्या तुझसे मैंने पाया 

मुझे सूखे में सुलाकर
खुद गीले में सो जाती थी
अपना खाना छोड़कर
क्यों मुझे पहले खिलाती थी

पापा की डाँट से  भी
अक्सर तूने बचाया माँ
शब्द नहीं कि बता ही दूँ
क्या तुझसे मैंने पाया माँ  

हो यूनिफार्म
या टिफ़िन बढ़िया
कैसे ?
कैसे सब कर  लेती हो
थकती हो पर देख मुझे
हमेशा एक मुस्कान देती हो

मेरे हर सवाल का
तू ही एक जवाब है माँ
ये दुनिया अगर एक बाग़ है
तो तू मेरा गुलाब हैं माँ
तेरी ममता की खुशबू ने
मेरा जीवन महकाया माँ

शब्द नहीं कि बता ही दूँ
क्या तुझसे मैंने पाया माँ  

खुशनसीब वो बच्चे
जिन्हें मिलता माँ का प्यार है
अब तेरी सेवा करने को
तेरा ये बच्चा तैयार है
मेरा अस्तित्व तो
है तेरा ही एक साया माँ
शब्द नहीं कि बता ही दूँ
क्या तुझसे मैंने पाया माँ  



  • SHIVANI KHARBANDA 

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