22 July 2016

कभी कभी मेरे दिल में 
इक ख्याल आता है 
ख्यालों से यूँ ही 
इक सवाल जुड़ जाता है

कि सपने सच बन कर
जब सामने हमारे आते हैं
तो बस उस लम्हें में 
हम खामोश ही रह जाते हैं
पर आज मौका भी है
और दस्तूर भी
तो कहूँगी इतना जरूर ही
कि होती है यूँ तो 
सबकी अपनी पहचान
पर खास होते है कुछ रिश्ते
जिन पर करते है हम मान

अनजान सा अभी थोड़ा
तुम वो हमारा अपना हो
कब से छिपा जो आँखों में
वो प्यारा सा सपना हो

पांच उँगलियों से बनती मुठ्ठी
समझ लो हम वो हाथ हैं
जो अलग एकदूजे से
पर दिल से हमेशा साथ हैं
हम सब के रिश्ते की
तुम हो अनमोल कड़ी

इक नया रिश्ता रब ने दिया 
सच ख़ुशी ये बहुत बड़ी 

होंगे तुम्हारे मन में
कई डर कई सवाल
रिश्ते का नाम जो भी 
हम बस एक दूजे की ढाल 

करते है पूरे दिल से
शामिल तुम्हे अपने आशियाने में 
दिल से जुड़े रिश्ते ही
हम विश्वास करते है निभाने में 





WELCOME TO FAMILY 

No comments: