30 July 2016


ख़ुशी खुश होकर
अक्सर वहीँ आती है
जहाँ उसको पाने की
कोशिश न की जाती है
क्योंकि मिलती है वो
बेवजह किसी बहाने से
मुस्कराती है वो 
किसी अपने के मुस्कराने से 

लम्हों की चादर में
आज लिपटे है मेरे ख्याल
दस पल गुज़रे हैं या
गुज़र गए दस साल

जब किसी के सवाल का
कोई जवाब बन जाता है
सच्चाई से रूबरू हुआ
प्यारा ख्वाब बन जाता है
जब किसी का पास होना
बन जाता है इक जरुरत
कुछ सालोँ बाद तो
मिलने भी लग जाए सूरत
जब कोई आत्मा का 
हिस्सा बन जाता है
उसी से हर गिला
पर उसी से चैन आता है
लफ़्ज़ों में बाँध के
ले आये है एहसास
तू पास है तो
हर जन्नत है मेरे पास
मेरा अस्तित्त्व तुमसे
तुमसे ही ये पहचान 
हक़ दिया है तुमने
तो करते है परेशान
पर रब से आज मेरी 
है इतनी सी फरमाईश
साथी मिले तो तू मिले
बस एक यही है ख्वाहिश 




HAPPY 10TH WEDDING ANNIVERSARY PANKAJ 


ख़ुशी खुश होकर
अक्सर वहीँ आती है
जहाँ उसको पाने की
कोशिश न की जाती है
क्योंकि मिलती है वो
बेवजह किसी बहाने से
मुस्कराती है वो 
किसी अपने के मुस्कराने से 

लम्हों की चादर में
आज लिपटे है मेरे ख्याल
दस पल गुज़रे हैं या
गुज़र गए दस साल

जब किसी के सवाल का
कोई जवाब बन जाता है
सच्चाई से रूबरू हुआ
प्यारा ख्वाब बन जाता है
जब किसी का पास होना
बन जाता है इक जरुरत
कुछ सालोँ बाद तो
मिलने भी लग जाए सूरत
जब कोई आत्मा का 
हिस्सा बन जाता है
उसी से हर गिला
पर उसी से चैन आता है
लफ़्ज़ों में बाँध के
ले आये है एहसास
तू पास है तो
हर जन्नत है मेरे पास
मेरा अस्तित्त्व तुमसे
तुमसे ही ये पहचान 
हक़ दिया है तुमने
तो करते है परेशान
पर रब से आज मेरी 
है इतनी सी फरमाईश
साथी मिले तो तू मिले
बस एक यही है ख्वाहिश 




HAPPY 10TH WEDDING ANNIVERSARY PANKAJ 


ख़ुशी खुश होकर
अक्सर वहीँ आती है
जहाँ उसको पाने की
कोशिश न की जाती है
क्योंकि मिलती है वो
बेवजह किसी बहाने से
मुस्कराती है वो 
किसी अपने के मुस्कराने से 

लम्हों की चादर में
आज लिपटे है मेरे ख्याल
दस पल गुज़रे हैं या
गुज़र गए दस साल

जब किसी के सवाल का
कोई जवाब बन जाता है
सच्चाई से रूबरू हुआ
प्यारा ख्वाब बन जाता है
जब किसी का पास होना
बन जाता है इक जरुरत
कुछ सालोँ बाद तो
मिलने भी लग जाए सूरत
जब कोई आत्मा का 
हिस्सा बन जाता है
उसी से हर गिला
पर उसी से चैन आता है
लफ़्ज़ों में बाँध के
ले आये है एहसास
तू पास है तो
हर जन्नत है मेरे पास
मेरा अस्तित्त्व तुमसे
तुमसे ही ये पहचान 
हक़ दिया है तुमने
तो करते है परेशान
पर रब से आज मेरी 
है इतनी सी फरमाईश
साथी मिले तो तू मिले
बस एक यही है ख्वाहिश 




HAPPY 10TH WEDDING ANNIVERSARY PANKAJ 


ख़ुशी खुश होकर
अक्सर वहीँ आती है
जहाँ उसको पाने की
कोशिश न की जाती है
क्योंकि मिलती है वो
बेवजह किसी बहाने से
मुस्कराती है वो 
किसी अपने के मुस्कराने से 

लम्हों की चादर में
आज लिपटे है मेरे ख्याल
दस पल गुज़रे हैं या
गुज़र गए दस साल

जब किसी के सवाल का
कोई जवाब बन जाता है
सच्चाई से रूबरू हुआ
प्यारा ख्वाब बन जाता है
जब किसी का पास होना
बन जाता है इक जरुरत
कुछ सालोँ बाद तो
मिलने भी लग जाए सूरत
जब कोई आत्मा का 
हिस्सा बन जाता है
उसी से हर गिला
पर उसी से चैन आता है
लफ़्ज़ों में बाँध के
ले आये है एहसास
तू पास है तो
हर जन्नत है मेरे पास
मेरा अस्तित्त्व तुमसे
तुमसे ही ये पहचान 
हक़ दिया है तुमने
तो करते है परेशान
पर रब से आज मेरी 
है इतनी सी फरमाईश
साथी मिले तो तू मिले
बस एक यही है ख्वाहिश 




HAPPY 10TH WEDDING ANNIVERSARY PANKAJ 


ख़ुशी खुश होकर
अक्सर वहीँ आती है
जहाँ उसको पाने की
कोशिश न की जाती है
क्योंकि मिलती है वो
बेवजह किसी बहाने से
मुस्कराती है वो 
किसी अपने के मुस्कराने से 

लम्हों की चादर में
आज लिपटे है मेरे ख्याल
दस पल गुज़रे हैं या
गुज़र गए दस साल

जब किसी के सवाल का
कोई जवाब बन जाता है
सच्चाई से रूबरू हुआ
प्यारा ख्वाब बन जाता है
जब किसी का पास होना
बन जाता है इक जरुरत
कुछ सालोँ बाद तो
मिलने भी लग जाए सूरत
जब कोई आत्मा का 
हिस्सा बन जाता है
उसी से हर गिला
पर उसी से चैन आता है
लफ़्ज़ों में बाँध के
ले आये है एहसास
तू पास है तो
हर जन्नत है मेरे पास
मेरा अस्तित्त्व तुमसे
तुमसे ही ये पहचान 
हक़ दिया है तुमने
तो करते है परेशान
पर रब से आज मेरी 
है इतनी सी फरमाईश
साथी मिले तो तू मिले
बस एक यही है ख्वाहिश 




HAPPY 10TH WEDDING ANNIVERSARY PANKAJ 

22 July 2016

कभी कभी मेरे दिल में 
इक ख्याल आता है 
ख्यालों से यूँ ही 
इक सवाल जुड़ जाता है

कि सपने सच बन कर
जब सामने हमारे आते हैं
तो बस उस लम्हें में 
हम खामोश ही रह जाते हैं
पर आज मौका भी है
और दस्तूर भी
तो कहूँगी इतना जरूर ही
कि होती है यूँ तो 
सबकी अपनी पहचान
पर खास होते है कुछ रिश्ते
जिन पर करते है हम मान

अनजान सा अभी थोड़ा
तुम वो हमारा अपना हो
कब से छिपा जो आँखों में
वो प्यारा सा सपना हो

पांच उँगलियों से बनती मुठ्ठी
समझ लो हम वो हाथ हैं
जो अलग एकदूजे से
पर दिल से हमेशा साथ हैं
हम सब के रिश्ते की
तुम हो अनमोल कड़ी

इक नया रिश्ता रब ने दिया 
सच ख़ुशी ये बहुत बड़ी 

होंगे तुम्हारे मन में
कई डर कई सवाल
रिश्ते का नाम जो भी 
हम बस एक दूजे की ढाल 

करते है पूरे दिल से
शामिल तुम्हे अपने आशियाने में 
दिल से जुड़े रिश्ते ही
हम विश्वास करते है निभाने में 





WELCOME TO FAMILY 

02 May 2016

MERI MAA



माँ 
आज तेरे लिए
मुझे यहाँ कुछ कहना है

तू क्या है मेरे लिए 
बस तू ही मेरी दौलत
बस तू ही मेरा गहना है
तेरी इन दो आँखों में
मेरा संसार समाया  माँ
शब्द नहीं कि बता ही दूँ
क्या तुझसे मैंने पाया माँ  

जन्म से पहले ही तूने
खुद में मुझे संभाला माँ
मेरे लिए हो सब अच्छा
वैसे खुद को तूने ढाला माँ

जन्म हुआ मेरा
जिंदगी तेरी बदल गयी
कब रात
कब हुई सुबह
तुझको कोई खबर नहीं

मेरे रोने की आवाज़
तेरे उठने का अलार्म बना
मेरी हर जरूरत को करना पूरा
बस तेरा पहला काम बना 

जब बोलना भी नहीं था आता
तेरा दिल तब भी  सब समझ  जाता
की कब लगी मुझे भूख
और कब नींद ने सताया
शब्द नहीं कि बता ही दूँ
क्या तुझसे मैंने पाया 

मुझे सूखे में सुलाकर
खुद गीले में सो जाती थी
अपना खाना छोड़कर
क्यों मुझे पहले खिलाती थी

पापा की डाँट से  भी
अक्सर तूने बचाया माँ
शब्द नहीं कि बता ही दूँ
क्या तुझसे मैंने पाया माँ  

हो यूनिफार्म
या टिफ़िन बढ़िया
कैसे ?
कैसे सब कर  लेती हो
थकती हो पर देख मुझे
हमेशा एक मुस्कान देती हो

मेरे हर सवाल का
तू ही एक जवाब है माँ
ये दुनिया अगर एक बाग़ है
तो तू मेरा गुलाब हैं माँ
तेरी ममता की खुशबू ने
मेरा जीवन महकाया माँ

शब्द नहीं कि बता ही दूँ
क्या तुझसे मैंने पाया माँ  

खुशनसीब वो बच्चे
जिन्हें मिलता माँ का प्यार है
अब तेरी सेवा करने को
तेरा ये बच्चा तैयार है
मेरा अस्तित्व तो
है तेरा ही एक साया माँ
शब्द नहीं कि बता ही दूँ
क्या तुझसे मैंने पाया माँ  



  • SHIVANI KHARBANDA 

05 November 2015


  • before lajba song lines---

  • कहते हैं 
  • हर action का एक reaction जरूर होता है 
  • चोट लगती है 
  • तो हाँ 
  • मन भी जरूर रोता है 

  • जन्म देने वाली माँ से 
  • बताइए अब  मैं  क्या करती सवाल 
  • कि  टिफ़िन बन का बन गया 
  • और मेरे आज भी खुले  रह गए बाल 
  • हर बार 
  • हर बार मेरी आँखें 
  • बस  करती रह गयी इंतज़ार 
  • मेरे सामने 
  • मेर हिस्से का 
  • कोई ज्यादा ले गया प्यार

  • तब समझा मैंने
  • कि ज़िन्दगी नहीं कोई maths
  • जहाँ दो और दो 
  • हमेशा होते हो चार
  • पर सुना था 
  • कि  रात हो जाये 
  • जब जयदा गहरी और काली
  • बस  समझ लो कि 
  • सुबह होने ही है वाली

  • क्योंकि लोग अक्सर जाते हैं भूल
  • जब आईने से हटती है धुल
  • हर चीज़ साफ़ नज़र आती है
  • जो हमको ये दिखाती है
  • कि  देखो 
  • अंतर कोई भी
  • ईश्वर नहीं बनाता
  • आँखों पर रख लो हाथ
  • तो सूरज भी नज़र नहीं आता
  • पर रौशनी को बताओ
  • कोई है रोक पाया 
  • जब जब मिला मौका
  • हर बेटी ने ये साबित कर दिखाया  
  • कि है जज्बा मुझ में लड़ने का
  • है जज्बा उसमे आगे बढ़ने का
  • है जज्बा की वो खुद को दे पहचान 
  • बस  इस सच को
  • अब
  • सब ले मान 
  • अब सब ले मान




04 November 2015

HALL OF FAME LINES

HALL OF FAME - ENDING LINES

यही था सफर मेरा 
और यही मेरी कहानी 
पर लगेगी आपको भी 
ये कुछ जानी पहचानी 
क्योंकि रहती है 
हर घर में 
मुझ जैसी एक गुड़िया रानी
हैं पापा हीरो मेरे 
बस  दूर करो अँधेरे
मैं लगती मम्मी जैसी 
तो फर्क की दीवार कैसी
मुझे खुल के अब जीना है 
हर बेटी एक नगीना है
मुझे पंख दे दो 
और खुल के बस  उड़ने दो 
मुझे  बेख़ौफ़ अब रहना है 
और सबसे ये कहना है 
मैं हूँ आपका  हिस्सा 
मेरा इतना सा ही किस्सा 
मांगती हूँ अपना अधिकार 
फिर देखो मेरी रफ़्तार 
मैं ही लक्ष्मीबाई 
मैं ही इंदिरा गांधी 
 हवा  हूँ मैं  ऐसी 
जो दायरों में न जाये बाँधी 
मेरी क़ाबलियत पर  न रखना 
मन में कोई सवाल 
मेरी आवाज़ ऐसी गूंजी 
मुझ में है श्रेया घोषाल 

जो फर्क करना सिखाये 
खुद तोड़ो वो दीवार 
न ये लड़की की जीत 
न किसी लड़के की हार 
बस एक बच्चा है आपका 
जो मांगता है 
तो मांगता प्यार 





BEFORE SUNO SUNO SONG





  • BEFORE SUNO-SUNO SONG LINES----




      • उम्मीद की चादर में 
      • कोशिश को लपेटकर
      • मैं उड़ आई उस गगन में 
      • जहाँ न फ़िक्र 
      • न ही कोई डर 
      • हर माँ-बाप करते है ;यूँ  तो 
      • अपनी औलाद से सच्चा प्यार 
      • पर कभी कभी 
      • खुद बना देते हैं 
      • फर्क की ऐसी दीवार

      • क्योंकि दीवार वो नहीं होती 
      • जो सिर्फ सामने नज़र आए 
      • कुछ दीवारें होती हैं ऐसी 
      • जो खुली आँखें न देख पाएं 

      • इन दीवारों को आज गिरा कर 
      • कोशिश के पंख लगा कर 
      • शिकवे-शिकायत सब  भुला कर 
      • उड़ कर ऊँचा दिखाऊँगी 
      • और सब को ये बताऊँगी 
      • कि  देखो मेरी परवाज 
      • मुझे पंख मिले है आज 
      • दुनिया करेगी मुझ पे नाज़ 
      • मुझे पंख मिले है आज 
      • मैं  हूँ मुक्कम्ल 
      • और ख़ुशी जैसे पूरी है 
      • उड़ना ही  जब सीख लिया 
      • तो मंज़िल से अब कितनी दूरी है 
      • मेरे इस स्कून का 
      • बस इतना ही है राज 
      • मैं भी उड़ सकती हूँ 
      • मुझे पंख मिले हैं आज